Thrichittatt Maha Vishnu Temple, Thiruchengundrur
Thiruchengundrur
Richard Mortel from Riyadh, Saudi Arabia · CC BY 2.0 · source
पाँच पंच पाण्डव Divya Desam में से एक; युधिष्ठिर से संबद्ध।
Sthala Purāṇam
तृच्चिट्टाट्, अलप्पुष़ा ज़िले के चेंगन्नूर में स्थित (जिसे तिरुचेंकुंड्रूर भी कहा जाता है), वह दिव्य देशम् है जहाँ भगवान की उपासना इमयवरप्पन के रूप में होती है, जो श्रीकृष्ण का ही एक स्वरूप हैं। यह चतुर्भुज मूर्ति निंद्र तिरुक्कोलम् (खड़ी मुद्रा) में विराजमान है, जो पाञ्चजन्य शंख तथा सुदर्शन चक्र को धारण किए हुए है। यह मन्दिर पम्बा नदी की सहायक नदी चित्तार के तट पर सुशोभित है। चेंगन्नूर क्षेत्र के पाँच पञ्च पाण्डव क्षेत्रों में से एक होने के नाते, इसका सम्बन्ध ज्येष्ठ पाण्डव युधिष्ठिर से जोड़ा जाता है, जिनके विषय में कहा जाता है कि उन्होंने हस्तिनापुर में परीक्षित का राज्याभिषेक करने के पश्चात् पाण्डव भाइयों की तीर्थयात्रा के समय इस विग्रह की प्रतिष्ठा की थी। स्थल पुराण के अनुसार, युधिष्ठिर ने कुरुक्षेत्र युद्ध के समय अपने गुरु द्रोणाचार्य से कहे गए अर्धसत्य के प्रायश्चित्त हेतु यहाँ तपस्या की थी। इमयवरप्पन नाम की व्याख्या इस परम्परा से होती है कि पाण्डवों के आगमन से पूर्व देवताओं (इमयवर) ने इसी स्थान पर भगवान की आराधना की थी। द्वापर युग में इस क्षेत्र के मन्दिरों की प्रतिष्ठा हेतु पाण्डवों को प्रेरित करने का सम्बन्ध भृगु ऋषि से जोड़ा जाता है। इस मन्दिर का गुणगान नम्माष़्वार ने नालायिर दिव्य प्रबन्धम् में किया, जिससे यह श्री वैष्णव परम्परा के 108 दिव्य देशम् में सम्मिलित हुआ, और यह केरल की विशिष्ट स्थापत्य शैली में निर्मित है।
Mangalāśāsanam — the Āḻvār pāsurams
The Lord Imayavarappan with Sengamalavalli of Thiruchengundrur is glorified in 11 pāsurams by:
चेंगन्नूर स्थित तिरुच्चिट्टाट्ट महा विष्णु मन्दिर (तिरुचेङ्गुण्ड्रूर; मूर्ति इमयवरप्पन्) मलै नाडु (केरल) के Divya Desam-ओं में से एक है, जिसकी स्तुति केवल नम्माऻ्वार् ने 11 pāsuram-ओं के एक समूह में की है। परम्परा यह दर्शाती है कि नम्माऻ्वार् का स्तोत्र स्थान-नाम चेङ्गुण्ड्रूर्, चित्तरारु नदी और भगवान् के नाम इमयवर् अप्पन् को एक सूत्र में पिरोता है। यह नम्माऻ्वार् द्वारा गाये गये केरल के क्षेत्रों के समूह (चेंगन्नूर / कुट्टनाड समूह) में सम्मिलित है।
Pāsuram references
- Nammalvar glorifies Imayavarappan, the reclining/Krishna form of Vishnu at Thiruchengundrur (Thrichittatt, Chengannur), in a decade of 11 pasurams. Commentators note that within this mangalasasanam hymn Nammalvar weaves together the name of the town (Chengundrur), the temple river (the Chittraru), and the Lord's name (Imayavar Appan, 'the Lord dear to the celestials/imperishables'), praising Him as the supreme refuge enshrined in this Kerala kshetra. — Nammalvar, Thiruvaimozhi (Nalayira Divya Prabandham) decade of 11 pasurams (exact decade number not firmly fixed) · source ↗
Gallery
Tap an image to view it larger — use ‹ › to browse, ✕ to close. Images via Wikimedia Commons.
Plan your visit
📍 9.32667, 76.60417
Routes, distances, hotels and restaurants open in Google Maps with live data. Build a phased pilgrimage plan →






