Chandrasooda Perumal Temple, Thiru Nilathingal Thundam
Thiru Nilathingal Thundam
Richard Mortel from Riyadh, Saudi Arabia · CC BY 2.0 · source
एक दुर्लभ विष्णु Divya Desam जो शिव मन्दिर (एकाम्बरेश्वर) के भीतर स्थित है।
Sthala Purāṇam
मूलवर नीलाত्तिंगळ् तुण्डत्तान् (चन्द्रसूड पेरुमाळ्) हैं, जो पश्चिमाभिमुख खड़ी मुद्रा में विराजमान हैं, और थायार नेर् ओरुवर् इल्ला वल्लि (नीलाత्तिंगळ् तुण्डम् नायगि) हैं। 108 Divya Desam में यह विलक्षण है कि यह विष्णु-सन्निधि काञ्चीपुरम् के महान् एकाम्बरेश्वर (शिव) मन्दिर परिसर के भीतर एक छोटी सन्निधि के रूप में स्थित है। इस स्थल की कथा विष्णु को यहाँ देवी पार्वती के प्रसिद्ध तपस् से जोड़ती है। एक प्रसंग के अनुसार पार्वती ने कैलास में क्रीड़ावश शिव के नेत्र ढक दिए, जिससे समस्त सृष्टि अन्धकार में डूब गई; इस कारण शापित होकर वे प्रायश्चित्त के लिए पृथ्वी पर अवतरित हुईं। काञ्ची में उन्होंने एक आम्र वृक्ष के नीचे बालू का लिङ्ग बनाकर कठोर तप किया — यही कथा एकाम्बरेश्वर और कामाक्षी परम्पराओं का मूल आधार है। उनकी परीक्षा लेने हेतु शिव ने सूर्य के द्वारा प्रचण्ड ताप भेजा, और वह आम्र वृक्ष अग्नि से प्रज्वलित हो उठा। तप को संकट में डालने वाले उस ताप को सहन न कर पाने पर पार्वती ने अपने भ्राता विष्णु से प्रार्थना की। विष्णु ने शिव की जटाओं से चन्द्र ('थिंगळ्') के उस खण्ड ('थुण्डम्') को लेकर हस्तक्षेप किया और उसकी शीतल किरणों से ज्वालाओं को शान्त किया, जिससे वृक्ष और तप दोनों सुरक्षित रहे। चन्द्र के उस खण्ड को धारण करने के कारण ही उन्हें नीलाত्तिंगळ् तुण्डत्तान् कहा जाता है, और इस स्थान को नील-थिंगळ्-थुण्डम्। यह Divya Desam Nālāyira Divya Prabandham में Thirumangai Āḻvār के एक ही pāsuram में महिमामण्डित है।
Mangalāśāsanam — the Āḻvār pāsurams
The Lord Nilathingal Thundathan (Chandrasooda Perumal) with Ner Oruvar Illa Valli Nachiyar of Thiru Nilathingal Thundam is glorified in 1 pāsurams by:
Thiru Nilathingal Thundam (श्री नीलाত्तिंगळ् तुण्डत्तान् / चन्द्रसूड पेरुमाळ्, काञ्चीपुरम् के एकाम्बरेश्वर शिव मन्दिर के भीतर प्रतिष्ठित) पर एक ही Āḻvār — Thirumangai Āḻvār — का Mangalāśāsanam है, एक pāsuram के साथ। प्रामाणिक संदर्भ Thirunedunthandakam 8 है, जिसमें Thirumangai भगवान् को 'nilAththingaL thuNdaththAy' कहकर सम्बोधित करते हैं — नीलाত्तिंगळ् तुण्डम् के स्वामी, जो शीतल अर्धचन्द्र के समान भक्त की व्यथा हर लेते हैं — उसी पद्य में जिसमें Neeragam, Ooragam, Vehka, Kaaragam, Kaarvanam और Kalvanur के नाम भी आते हैं। यह उन तीन दुर्लभ Divya Desam-में से एक है जो शिव मन्दिर के भीतर स्थित हैं।
Pāsuram references
- The Alvar, pining for the Lord, calls out to Him who is at once the Lord of Thiruneeragam, the One atop the great hill, and 'nilAththingaL thuNdaththAy' — the Lord of Nilathingal Thundam who, cool as a sliver of moonlight, dispels the devotee's suffering — named in one breath with the other Kanchi shrines (Ooragam, Vehka, Kaaragam, Kaarvanam, Kalvanur). This is the single Mangalasasanam verse for Nilathingal Thundam. — Thirumangai Alvar, Thirunedunthandakam 8 · source ↗
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